सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

होली नं0 - 4 (सागर तट पहुंचे रघुवीरा)

होली नं0 - 4  1- सागर तट पहुंचे रघुवीरा - 2  2 - भालू बानर सेना जिनकी  संग में लछिमन रण धीरा - सागर . . . .  3 - रामेश्वर में शिव जी को पूजें ,  पुल बाधत हैं नल नीला - सागर . . . .  4- सेना उतरी पार भई है ,  पहुंच गई लंका तीरा - सागर . . . . .  5- कुम्भ करण मेघनाथ ही मारो ,   तब मारो रावण वीरा - सागर . . .  6 - सीता लेके अयोध्या आये,  तब रचि अपनी लीला - सागर . . . .  7- राज्य को अपने हाथ में लीना ,  हो गई जै - जै कारा - सागर . . . . .

होली नं0 - 5 (कृष्ण को मिलने जाय सुदामा)

होली नं0 - 5  1 - कृष्ण को मिलने जाय सुदामा ,  मुट्ठी भर चावल ले कर के  2- घर से ब्राह्मण द्वारिका पहुंचे ,  पहुंचे कृष्ण के द्वार - सुदामा मु .  3- बालापन के मित्र हमारे ,  बहुत दिनन से आये - सुदामा मु .  4- अशल कुशल सब बातें पूछी प्रेम से चरण दबाय - सुदामा मु .  5- भाभी से हमको क्या - क्या भेजा  बगल से गठरी खींच - सुदामा मु .  6 - दो मुट्ठी चावल हरि ने खाये ,  तीनों लोक ही देन - सुदामा मु .  7- बिप्र सुदामा घर को लौटे ,  गली - गली भटकत हो - सुदामा मु .  8- महल से ब्राह्मणी बाहर निकली ,  प्रेम से चरण दबाय - सुदामा मु .  9- जहाँ सुदामा की फूलों की झाड़ी ,  नरियल बाग बसाय - सुदामा मु .  10 - धन्य प्रभु जी तेरी महिमा ,  यह क्या प्रलय दिखाय - सुदामा मु .