होली नं0 - 25 1- ओ लिखी टलती नाही जो विधी लेखै ब्रह्मा जी 2- भगीरथ कुल में दशरथ हुए हैं , दशरथ घर में राम - धन्य करम तेरी 3 - एक धीवर ने मछली मारी , ले गयो राजा के पास - धन्य करम तेरी काम तेरी लीला 4 - दशरथ राजा मास कटत हैं . अंगूठा लागे फॉस - धन्य करम 5 - दशरथ राजा तीनों हैं रानियाँ . पहरा दे दिन रात - धन्य करम 6 - पहलो पहरा रानी कौशल्या , राजा चैन न होय - धन्य करम 7 - दूसरो पहरा रानी सुमित्रा , राजा नींद न होय - धन्य करम 8 - तीसरों पहरा रानी केकई को , सोवे पाव पसारी - धन्य करम 9 - चौथो पहरा राजा दशरथ को . अंगूठा लेवे सोश - धन्य करम 10 - मागिले रनियाँ जो वर माँगे , जो मन इच्छा होय - धन्य करम 11 - जो मैं मागू ना दे हो राजा , बचन अकारत जाय - धन्य करम । 12 - जो तू माँगे दे दू हो रानी , राम सपथ सब खाय - धन्य करम 13 - राम लछिमन वन वास दीजो . . भरत ही दीजो राज - धन्य करम 14 - राम लछिमन वन को गये हैं , सीता लागे साथ - धन्य करम...