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होली नंबर 1 (सुमिरो सीता राम)

  श्री विष्णूपति होली सुमिरो सीता राम रंम भज रंम भज राधे । 2 - इक पेड़ जो जनमें मथुरा जी में, जड़ जागे जगनाथ । फूल फूले द्वारिका जी में , फल पाके बद्रीनाथ राम भज . . . . . . 3 - काहे की गड लंका है रे काहे को कैलाश काहे की यो अयोध्या नगरी जा में ठाडे राम - 4 - सोने की गड़ लंका है रे , पत्थर को कैलाश पानन की अयोध्या नगरी जा में ठाड़े राम 5 - कौन दिशा गड लंका है रे , कौन दिशा कैलाश कौन दिशा अयोध्या नगरी जा में ठाड़े राम 6 - दक्षिण दिशा गड़ लंका है रे उत्तर दिशा कैलाश पूरब दिशा अयोध्या नगरी जा में ठाड़े राम 7 - कौन बसे गड़ लंका है , रे कौन बसे कैलाश कौन बसे अयोध्या नगरी जा में ठाडे राम  8 - रावण बसे गड़ लंका है रे शिवजी बसे कैलाश दशरथ की अयोध्या नगरी जा में ठाडे राम 9 - सोने चाँदी को रथ बनवायो जा में बैठे राम लछिमन , भरत , शत्रुघ्न - माता कौशल्या - पिता दशरथ संग में जानकी होय - राम भज . .