होली नं0 - 45 1 - उठ मिल हो भरत रधुवर आये , उठ मिल हो भरत रधुवर आये 2 - सूरजा आये चन्दा आये , तारे जो आये गगन चड़के - उठ . . . . 3 - राम जी आये लछिमन आये , सीता जी आयी रथ चढ़ के - उठ . . . . . 4 - ब्रह्मा जी आये विश्नू जी आये , शंभू आये बहल चढ़के - उठ . . . . . 5-कहां - कहां भाई विपत गवाई , कौन पुरी में सुख पाई - उठ . . . . . 6 बन - बन में भाई विपत गवाई , अयोध्या पुरी में सुख पाई - उठ . . . . उठ मिल हो भरत रधुवर आये ।