होली नं0 - 5 1 - कृष्ण को मिलने जाय सुदामा , मुट्ठी भर चावल ले कर के 2- घर से ब्राह्मण द्वारिका पहुंचे , पहुंचे कृष्ण के द्वार - सुदामा मु . 3- बालापन के मित्र हमारे , बहुत दिनन से आये - सुदामा मु . 4- अशल कुशल सब बातें पूछी प्रेम से चरण दबाय - सुदामा मु . 5- भाभी से हमको क्या - क्या भेजा बगल से गठरी खींच - सुदामा मु . 6 - दो मुट्ठी चावल हरि ने खाये , तीनों लोक ही देन - सुदामा मु . 7- बिप्र सुदामा घर को लौटे , गली - गली भटकत हो - सुदामा मु . 8- महल से ब्राह्मणी बाहर निकली , प्रेम से चरण दबाय - सुदामा मु . 9- जहाँ सुदामा की फूलों की झाड़ी , नरियल बाग बसाय - सुदामा मु . 10 - धन्य प्रभु जी तेरी महिमा , यह क्या प्रलय दिखाय - सुदामा मु .