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होली नं0 - 29 (जल मथै मछन्दर नाथ कन्हय्या , देव दानव सब मिल कर के)

होली नं0 - 29  1 - जल मथै मछन्दर नाथ कन्हय्या ,  देव दानव सब मिल कर के  2 - काहे कारण जल को मथो है ,  कौन सी चीज निकाल - कन्हय्या 3 -  अमृत के कारण जल को मथो है ,  चौद ही रत्न निकाल - कन्हय्या 4 - काहे की तो मथनी बनी है ,  काहे बनावै माथ - कन्हय्या  5 -  बासु नाग की मथनी बनी है ,  मन्द्राचल को माथ - कन्हय्या  6 -  पहले मथन में विष की ज्वाला ,  शंकर दीयो पिलाय - कन्हय्या   7 -  दूसरे मथन में कौतुक मणी है ,  लस मीन चतुरभुजी को सुहाय - कन्हय्या  8 -  चौ दन्त हाथी जल से निकले, इन्द्राशन पहुचाय - कन्हय्या  9 -  स्वेत वरन असु जल से निकला ,  ममा कि बलि राजा को दिलाय - कन्हय्या  10 -  लक्ष्मी माता जल से निकली ,  विष्णु के बाम सुहाय - कन्हय्या  11 -  वैद्य धनवन्तरी जल से निकले ,  अमृत कलश ले हाथ - कन्हय्या  12 -  अमृत कलश ले दैत्य जो भागे , देव भये है निराश -  कन्हय्या 13 - तब प्रभु मोहिनी रूप धरो है ,  गये हैं दैत्यों के पास - कन्हय्या  ...