होली नं0 - 32 1 - अचल मेरो छोड़ श्याम , तेरी । गऊ चली वृन्दावन को 2 - ना हम लावै लौग सुपारी , ना पर भत की सौठ - श्याम 3- हम जो लाती दही की मटिया , दान काहे को होय श्याम - तेरी 4- दान दही को दान मही को , दान जो मन को होय श्याम - तेरी 5- तोड़ कन्हया वडू को पचा , दहिया देहू चखाय श्याम - तेरी 6 - दही तुम्हारो खट्टो मीठो छाँस भई अमल्लाय - तेरी 7 - मारू मुटको तोडू मटकी , दही देऊ विखराय श्याम - तेरी 8- दही मैरो खायो मटकी फोडी , छास दीयो विखराय श्याम - तेरी 9-गऊ चली वृन्दावन को - अचल मेरी छोड़ श्याम तेरी गऊ चली वृन्दावन को ।