होली नं0 - 40 1-मत भूलो यशोदा नन्दन को , तुम जपलो यशोदा नन्दन को । 2- पूरण ब्रह्मा सकल निवासी , भूमि को भार उतारन को - तुम जपलो . . . . . 3-काहे की कोख जन्म लियो है , काहे के कारण आवन को - तम जपलो . . . . . 4-देवकी कोख से जन्म लियो है , कंश को वंश मिटावन को - तुम जपलो . . . 5-प्रकट भये है श्याम मुरारी , संन्तन को दुःख देखन को - तुम । 6-मथुरा नगर में जन्म लियो है , गोकुल रास दिखावन को - तुम जपलो ..... 7-विश्व चराचर कृष्ण मुरारी , दुखियन को दुख तारन को - तुम जपलो ..... 8-नारद शारद व्यास मुनी जी , जिनकी खोज लगावन को - तुम जपलो ..... 9-जो नर होली ध्यान करत है , सीधे स्वर्ग सिधारन को तुम जपलो यशोदा नन्दन को ।