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होली नं0 - 44 (शिव तेरे मन माही बसै काशी)

होली नं0 - 44 1 - शिव तेरे मन माही बसै काशी  शिम तेरे मन माही बसै काशी  2-आधा काशी में बामन बनियाँ ,  अधा काशी में सन्यासी - शिव . . . .  3 - काहे बरन को बामन बनियाँ  काहे वरन सन्यासी - शिव . . . .  4 - गोरे वरन को बामन बानियाँ ,  श्याम वरन सन्यासी - शिव . . . .  5 - काह करत है बामन बनियाँ ,  काह करत है सन्याशी - शिव . . . .  6 - पूजा करत है बामन बनियाँ , वेद पड़त हैं सन्यासी - शिव . . . .  7 - कौन रमा । अक्षत चन्दन ,  कौन रमावै सन्यासी - शिव . . . . .  8 - अक्षत रमावै बामन बनियाँ ,  विभूति रमावै सन्यासी - शिव . . . . . शिव तेरे मन माही बसै काशी ।