सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

होली नं0 - 61(अच्छ हाँ रे लाला बिन पिया होली को खेले) लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

होली नं0 - 61(अच्छ हाँ रे लाला बिन पिया होली को खेले)

होली नं0 - 61 1-अच्छ हाँ रे लाला बिन पिया होली को खेले  को खेले नदूलाल लला बिन पिया होली को खेले 2- अच्छ हाँ रे लाला कमल फूले तो जल में बसै  चन्दा बसै आकाश , लाला विन . . . . . . .  मेघ जो बरसे धरती गलै , नही बहे पाताल लाला गरमी पड़े तो धूल उड़े ,  गरद उड़े आकाश लाला बिन पिया होरी को खेले -  3-अच्छ हाँ रे लाला चक ही चकवा दोनो जने  इन मत मारो कोई लाला  ये मारे परमेश्वर के रैना  बिछोड़ा होय लाला  बिन पिया होरी को खेले -  को . . . . .  4 - अच्छ हाँ रे लाला चन्द्र मुखी दियड़ा जागे , तन मन हो गई बात लाला  तेल जले तो बाती जलै नाम दिया को होय लाला  जोभन गवायो यारन में नाम पिया को होय लाला  बिन पिया होली .... 5 - अच्छ हाँ रे लाला आम से मीठी अमीली  दाख से मीठी दाडमी ,  चोधन मीठी नैक्यानीमा  सोल बरस की जवान लाला , मेरो दिल पिया में बसै  पिया को दिल मोहे नाही  लाला बिन पिया होली को खेले . . . .  6-अच्छ हाँ रे लाला कौन बसै गड़ आगरा  कौन मुरेदाबाद लाला कौन बसै जल सिगारो  कौन चन्दन चौपाल लाला...