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होली नं0 - 11 (दही लूटे नन्द को लाल , बेचन ना जय्यो)

होली नं0 - 11 1 - दही लूटे नन्द को लाल ,  बेचन ना जय्यो  2 - कुन्ज गलिन में ठाड़ो रहत है ,  पूछत हमसे सवाल दहिया को - बेचन  3-कहां के तुम ग्वाल गुजरिया ,  कहां दही बेचन जाय दहिया को - बेचन  4-मथुरा के हम ग्वाल गुजरिया ,  गोकुल बेचन जाय दहिया को - बेचन  5-तुमरो दहिया में डान लगत है ,  दान दियो घर जाय दहिया को - बेचन  6- कौन राजा की ग्वाल गुजरिया ,  कब से दहिया विकाय दहिया को - बेचन  7- कंस राजा की ग्वाल गुजरिया ,  वालापन से विकाय दहिया को - बेचन  8-कंस को मारू कंसासुर मारू ,  दीनों यमुना बहाय दहिया को - बेचन  9 - कंस राजा से जाय कहेंगी ,  तुमको दें मरवाय दहिया को - बेचन  10 - ना तुम यहां के राजा कहावै ,  ना तुम हो घटवाय दहिया को - बेचन  11 - नन्द महर के वाल कहावै ,  तुम कौ दान लगाय दहिया को - बेचन  12- हम ही यहां के राजा कहावै ,  हम ही हैं घटवाय दहिया को - बेचन । 13 - दान दही को दान जोथन को ,  दान दियो घर जाय दहिया को - बेचन  14- दूध - दही सब लूट लियो है ,  मट...