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होली नं0 - 58 (पंख हरे मुख लाल सुवा)

होली नं0 - 58 1-पंख हरे मुख लाल सुवा ।  बो लिया जन बोले बागा में - 2 2 - पूरब बादल रेखड़ी हो रेखड़ी ,  पछिम भयो घनघोर - सुवा . . . . . .  3- कैसो बादल उनानो हो उनानो ,  कैसो बरसै मेघ - सुवा . . . . .  4 - कालो बादल उनानो हो उनानो ,  रीम झिम बरसे मेघा - सुवा . . . . .  5 -उत जन बरसै मेघूला हो मेघूला ,  जिधर पिया परदेश - सुवा . . . . .  6 - मेरी जो भीजै सिर स्योनी हो सिरस्योनी ।  कहाँ पिया की पाग - सुवा . . . . .  7- कहां सुखाऊ सिर स्योनी हो सिरयोनी .  घूप पिया की पाग - सुवा . . . . . वो लिया जन बोले बागा में  पंख हरे मुख लाल सुवा . . . . . .