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होली नं0 - 48 (वृन्दावन केसर क्यो ना बोयें क्यों ना बोये)

होली नं0 - 48  1 - वृन्दावन केसर क्यो ना बोयें क्यों ना बोये 2  क्यो ना बोये - वन्दावन . . . . .  2 - काहे में बोऊ कॅशरी लला केशरी ,  काहे में बोऊ गुलाब लला - वृन्दावन . . . . 3- क्यारी में बोऊ केशरी लला केशरी ,  झाड़ी - बोऊ - गुलाव लला - वृन्दावन . . . . .  4 - के हल बाऊ केशरी लला केशरी ,  के हल बोऊ गुलाब लला - वृन्दावन . . . . । 5- छ : हल बोऊ केशरी लला केशरी .  नो हल बाऊ गुलाब लला - वृन्दावन . . . . . .  6 - कै मन भई है केशरी लला केशरी ,  कै मन भई है गुलाब लला - वृन्दावन . . . .  7 - छ मन भई है केशरी लला केशरी ,  नौ मन भई है गुलाब लला - वृन्दावन . . . .  8 काहे छिडकू केशरी लला केशरी ,  काहे में छिडकू गुलाब लला - वृन्दावन . . . . 9 कृष्णा जी छिड़क केशरी लला केशरी ,   राधा में छिडकू गुलाब लला  वृन्दावन बन केशर क्या ना बोई ।