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होली नं0 - 17 (श्री राम रटत प्रहलाद भगत , हिरण कुश वर कियो हरि से)

होली नं0 - 17

1-श्री राम रटत प्रहलाद भगत , 
हिरण कुश वर कियो हरि से 

2-जब प्रहलाद स्कूल भेजे , 
राम ही राम सिखाय - भगत 

3-जब प्रहलाद पर्वत पर डाले , 
फूलन सेज विछाय - भगत 

4- जब प्रहलाद अग्नि पर डाले , 
बिन बादल बरसात - भगत 

5- जब प्रहलाद सुई पर डाले , 
काख ही काख को जाय - भगत

6- तेल कढ़ाई गरम बनाई , 
ता पर भगत गिराय - भगत 

7-जब प्रहलाद खम्बे पर बांधे , 
नरसिंह रूप दिखाय - भगत 

8-हिरण कुश बैर कियो हरि से 
श्री राम रटत प्रहलाद - भगत 
हिरणाकुश बैर कियो हरि से 

। । श्री कृष्ण कन्हय्या लाल की जै । । 

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