होली नं0 - 46
1-श्री अर्जुन से कह श्याम सुन्दर
मोरे ध्वज राजा सतधारी
2-इक ब्राह्मण इक सिंग वनों है ,
जांचन आये वनवारी - मोरे ध्वज . . . . .
3-चरण धाये चरणो दक लीनो ,
आसन दीनो बैठारी - मोरे ध्वज . . . .
4-आवो ब्राह्मण भोजन पाओं ,
यह लो कंचन थाल सुन्दर - मोर ध्वज . . . .
5-ना हम तुमरो भोजन पावे ,
ना लेवे कंचन थाली - मोरे ध्वज . . . .
6- मेरो सिह तेरो सुत को झूको ,
यह लो कंचन की आरी - मोरे ध्वज . . . .
7- इक बट राजा चिरन लागे ,
इकबट बालक महवारी - मोरे ध्वज . . . .
8- राजा रानी चिरन लागे ,
प्रकट भये हैं वनवारि - मोरे ध्वज . . . .
ध्वजा राजा सत धारी
सतधारी सतधारी मोरध्वज राजा सतधारी ।
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