होली नं0 - 57
1- मत जाओ पिया होली आय रही
मत जाओ पिया होली आय रही
2 - जिनके पिया नित घर ही रहत हैं ,
उनकी नारी रंग भरी - मत . . . .
3 - जिनके पिया परदेश रहत हैं ,
उनकी नारी उदास रही - मत . . . .
4 - गाई को गोबर अगना लिपो है ,
मोतियन चौक पुरावन में - मत . . . .
5 - फुली गयो टेसु निकशि गयो अम्बा .
मोर जो नाचे वन - वन में - मत . . .
6- फागुन मास होली आवै ,
घर घर साज सजावन में - मत . . . .
7- चैत ही मास बनफल पाके
आम जो पाके सावन में - मत . . .
8-सुन्दर तेल फुलेल लगाऊ ,
मंगल साज सजावन में - मत . . . .
9- फागुन मास होली आवै ,
रंग अबीर छिडकावन में
मत जा ओ पिया होली आय रही ।
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